Diwali Poojan vidhi | Things Used In Diwali Poojan | There Importance

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Diwali Poojan vidhi | Things Used In Deepawali Poojan | There Importance

About Diwali :-

In the first place Diwali is also festival of lights, Diwali is celebrated with full joy and enthusiasm all over India. It is celebrated over a period of five continuous days during the diwali , with each day holding its significance in accordance to the legends also Traditions. The Deepawali celebrations marked by five days of festivities, and each night, decorative clay or metal lights are lit in honor of the new year and the victory of light over darkness.Diwali, falls on the third day of these celebrations and witnesses a Dark Moon night which is then illuminated with the shine of earthen diyas and lamps. Deepawali also devoted to the praise and worship of Goddess Lakshmi, goddess of wealth .

In her honor, Lakshmi Puja is performed religiously during the evenings, generally after sunset.According To the Diwali Poojan we help to how to Do Diwali Poojan ,and what what thing to need to do Diwali Poojan .

दीपावली प्रदोष काल मुहूर्त :-

1 9 वी अक्टूबर 2017 (गुरुवार)
  • लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: – 1 9: 26 से 20:25
  • अवधि: – 0 घंटे 58 मिनट
  • प्रदोष काल: – 17:54 बजे 20:25
  • वृषभ काल: – 1 9: 26 से 21:24
  • अमावसा तिथि प्रारंभ: – 1 9 अक्टूबर  2017 बजे 00:13 बजे
  • अमावसा तिथि समाप्त: – 20  अक्टूबर  2017 बजे 00:41 बजे

दिवाली पूजा सामग्री :-

महालक्ष्मी पूजन में रोली, कुमकुम, जौ, गेहूँ, दूर्वा, चंदन,चावल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, धूप, कपूर, अगरबत्तियां, दीपक, रुई, कलावा (मौलि), नारियल, शहद, दही, गंगाजल, गुड़, धनिया, फल, फूल, सिंदूर, शंख, लक्ष्मी व गणेश जी का चित्र या प्रतिमा, आसन, थाली, घृत, पंचामृत, दूध, मेवे, खील, बताशे, गंगाजल, यज्ञोपवीत, श्वेत वस्त्र, इत्र, चौकी, कलश, कमल गट्टे की माला,  चांदी का सिक्का, मिष्ठान्न, 11 दीपक इत्यादि वस्तुओं को पूजन के समय रखना चाहिए।

  
दिवाली 2017: धन और यश के लिए इस विधि से करें मां लक्ष्मी की पूजा

शुभ मुहूर्त :-

इस दिवाली माँ लक्ष्मी के पूजन का मुहूर्त सुबह ०७:००  बजे से शुरू हो रहा है. यह मुहूर्त रात ०८:३० बजे तक रहेगा.

इस मंत्र से होती है महालक्ष्मी की पूजा :- 

ऊं अपवित्र: पवित्रोवा सर्वावस्थां गतोऽपिवा. य: स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तर:

दिवाली का त्योहार है. कहा जाता है कि इस दिन दीये जलाकर रोशनी करने से मां लक्ष्मी घर में आती है. जिस घर से मां अधिक प्रसन्न होती है, उनके घर कभी भी धन की कमी नहीं होती. अगर ‌आप दिवाली वाले दिन मां माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करना हो तो नीचे लिखी इन सामग्रियों के साथ माँ लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान विष्‍णु, भगवान गणेश, माँ सरस्वती और भगवान कुबेर की भी पूजा करें.

 दिवाली पर इस विधि से करें पूजा :-

मां लक्ष्मी की पूजा में कलेवा, रोली, सिंदूर, एक नारियल, अक्षत, लाल वस्त्र , हवन सामग्री, कमल गट्टे, पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल), फल, बताशे, फूल, पांच सुपारी, लौंग, पान के पत्ते, घी, कलश, कलश के लिए इत्र, दीपक, रूई, आरती की थाली, आम का पल्लव, चौकी, समिधा, हवन कुण्ड,मिठाईयां, पूजा में बैठने हेतु आसन, हल्दी , अगरबत्ती, कुमकुम, कुशा, रक्त चंदनद, श्रीखंड चंदन पूजन सामग्री का इस्तेमाल करें|

सर्वप्रथम पूजन शुरू करने से पहले चौकी को धोकर उस पर रंगोली बनाएं और चौकी के चारों तरफ चार दीपक जलाएं. जिस जगह पर मां लक्ष्मी और गणेश की प्रतिमा को स्‍थापित करने जा रहे हैं, वहां पर थोड़ा सा चावल रखकर माँ लक्ष्मी की प्रतिमा को रखें. माँ लक्ष्मी को प्रसन्‍न करने के लिए उनके बाईं ओर भगवान विष्‍णु की प्रतिमा को स्‍थापित करें. इनकी पूजा करने से घर की निगेटिव एनर्जी बाहर जाती है और सुख समृद्धि घर में आती है.

चांदी का सिक्का,पुष्प, फल, सुपारी, पान, नारियल (पानी वाला), मिठाई, मेवा, आदि सभी सामग्री थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लेकर दीपावली पूजन के लिए संकल्प लें. सर्वप्रथम भगवान गणेश पूजा करें और इसके बाद स्‍थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन करें. कलश की स्‍थापना करें और माँ लक्ष्मी का ध्यान करें. मां लक्ष्मी को इस दिन लाल वस्‍त्र जरूर पहनाएं |.

पूजा के बाद दीपक जलाये

  • पूजा के बाद, सरसों के तेल डाल कर दियो को जलाएं और अपने घर के प्रवेश द्वार  व अँधेरी वाली जगह पर रखो । अपने घर के सभी कोने और कमरे में दीयियां रखो ताकि अंधेरे में कोई स्थान न छोड़ा जाए। कुछ लोग चौराहे पर डाईस रखते हैं (लेकिन इसकी आवश्यकता नहीं है)। क्रॉस सड़कों को पार करते हुए सावधानी बरतें, बडी दीवाली पर आप जितना भी कर सकते हैं उतने दिये जला सकते हैं। हालांकि, 16 नवंबर को, अपने घर के प्रवेश द्वार पर केवल पांच दिये  जलाएं और अगले दिन छोटी दीवाली पर (17 नवंबर 2017) 11 दिये जलाएं
  • अपने घर को दीवाली रात को रोशन रखें। क्योंकि देवी लक्ष्मी को उस घर को पसंद करती है जो अच्छी तरह से जलाया जाता है। जैसा कि वह आसानी से प्रकाश घर में पथ पा सकते हैं कुछ लोग भी लक्ष्मी माँ के आने के लिए दरवाजे खोलते हैं (जब तक कि वे रात में जाग रहे हैं)।  और स्वच्छता बनाए रखेंहम आशा करते हैं कि दीवाली आपके घर में समृद्धि और धन लाती है। सभी पाठकों को दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं ……..
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